फाइन आर्ट में भविष्य

कल्पनाओं की उड़ान रंगों का आकाश

फाइन आर्ट एक बेहतरीन करियर फील्ड है। इसमें सफलता के लिए क्रिएटिव माइंड के साथ परिश्रमी होना भी जरूरी है | देश में कला को सदैव सर्वोपरि रखा गया है। कलाओं ने ही तो देश को एक नई पहचान दी है। तकनीकी दखल के बावजूद कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जो लगातार अपनी परंपरा एवं पहचान बनाए हुए हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख क्षेत्र है ‘फाइन आर्ट’ यानी ललित कला। आज भी यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। अच्छी पेंटिंग्स लाखों-करोड़ों में बिक रही हैं तथा कलाकारों को उसका पूरा फायदा भी मिल रहा है। इस तरह अच्छे कलाकार को पैसे तो मिलते ही हैं, साथ ही बेशुमार शोहरत भी मिलती है। पर विदेशों की अपेक्षा अभी भी भारत काफी पीछे है। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां पर आर्ट एग्जिबिशन एवं गैलरी कम ही देखने को मिलती हैं, जिससे लोगों को जागरूकता तथा इस कोर्स की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती। यह क्षेत्र ऐसा है, जो परिश्रम एवं समय मांगता है। अचानक कोई अचानक ही अच्छा कलाकार नहीं बन सकता। इसमें यह देखा जाता है कि छात्र अपनी भावनाओं एवं कल्पनाओं को किस हद तक कैनवस एवं कागज पर उकेर पा रहा है। इसके लिए कल्पनाशील व अपनी सोच से कुछ नया गढ़ने का गुण होना आवश्यक है। इसमें महारथ हासिल करने के लिए क्रिएटिव माइंड होना चाहिए, ताकि आप अपने आर्ट में वह रंग भर दें कि लोगों को वह आकर्षित कर सके।इस समय देश व विदेश दोनों जगह फाइन आर्ट का भविष्य अच्छा है। नई पीढ़ी में इसके प्रति जागरूकता आयी है। समाज में भी इसकी स्वीकार्यता बढ़ने लगी है। प्रवेश परीक्षा और कोर्स के दौरान छात्रों की बढ़ती भीड़ इस बात की तस्दीक कर रही है कि इसमें निराश होने जैसी कोई बात नहीं है। म्यूजियम भी अब ऑनलाइन हो चुके हैं व इंटरनेट से काफी मदद मिल रही है।

पेंटिंग एक ऐसी कला है जो चुनिंदा लोगों के पास ही पाई जाती है| आज के वक़्त में दुनिया भर में लाखों पेंटर और स्केच आर्टिस्ट, लोगों को अपनी कला से चौंका रहे हैं| लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि ये आर्टिस्ट वहां तक पहुंच ही नहीं पाते जहाँ तक इन्हे पहुंचना चाहिए | कई कलाकार यह नहीं जानते कि किस तरह वे अपनी कला को दुनिया तक पहुंचा सकते हैं, और बढ़ा सकते हैं | एक अच्छा पेंटर बनने के लिए कला के सिवाय किसी भी प्रकार के डिग्री या डिप्लोमा की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अब शिक्षा जगत के विकास के बाद से पेंटिंग के लिए भी कई सारे डिप्लोमा और डिग्री कोर्स बनाए गए हैं|

पेंटर बनने के लिए आप दो प्रकार से आगे बढ़ सकते हैं|

पहला रास्ता यह है कि आप बारहवीं कक्षा के बाद, BFA यानी कि बैचलर इन फाइन आर्ट्स का कोर्स कर लें| इस कोर्स को करने के बाद आप एक पेंटर के रूप में अपना करियर स्थापित कर सकते हैं | BFA करने के लिए बारहवीं कक्षा में ली गयी स्ट्रीम मायने नहीं रखती, आप किसी भी स्ट्रीम से BFA कर सकते हैं|

दूसरा रास्ता यह है कि आप बारहवीं कक्षा के बाद, Diploma in sketch art या Diploma in Painting जैसा कोई कोर्स कर लें | ऐसा करने से आप पेंटिंग में अपना करियर स्थापित कर सकते हैं |  पेंटर बनने के लिए कला की आवश्यकता होती है, डिग्री या डिप्लोमा नहीं, लेकिन डिग्री या डिप्लोमा आपको एक पेंटर के रूप में खुद को साबित करने का मौका देता है|

फाइन आर्ट से संबंधित कई तरह के पाठ्यक्रम मौजूद हैं। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं तय की गई है। बारहवीं के बाद जब छात्र के अंदर कला को समझने का कौशल विकसित हो जाता है तो उसे इस क्षेत्र में कदम रखना चाहिए। बैचलर ऑफ फाइन आर्ट (बीएफए) में एडमिशन 12वीं के पश्चात मिलता है। यह चार वर्ष का पाठ्यक्रम होता है। बैचलर कोर्स में प्रवेश परीक्षा के बाद दाखिला मिलता है। कई संस्थान मेरिट के आधार पर दाखिला देते हैं। बीएफए के बाद मास्टर डिग्री के रूप में 2 वर्षीय मास्टर ऑफ फाइन आर्ट (एमएफए) किया जाता है। यदि मास्टर कोर्स में 50 प्रतिशत अंक हैं तो पीएचडी का रास्ता भी खुल जाता है।

डिग्री या डिप्लोमा करने के उपरान्त अच्छी कंपनियां आपको हायर कर सकती हैं| एक अच्छी कम्पनी के पास हमेशा ही ऐसे लोगों की भीड़ होती है जो वहां काम करना चाहते हैं, ऐसे में अगर आपके पास कला के साथ साथ डिग्री या डिप्लोमा भी होगा तो आपको ज्यादा वरीयता दी जाएगी | डिग्री या डिप्लोमा करने का दूसरा फायदा यह है कि, दोस्तों कोई भी किसी भी काम में पूरी तरह से कुशल नहीं होता| एक अनौपचारिक पेंटर से एक कुशल पेंटर बनने के लिए जिस भी सुधार ली आवश्यकता होती है वह डिग्री या डिप्लोमा की पढ़ाई के दौरान सीखा जा सकता है|

स क्षेत्र में कमाई का सारा दारोमदार अनुभव एवं कलाकृति की अपील पर टिका होता है। इस क्षेत्र में बढ़ती भीड़ में उन्हीं लोगों को सफलता मिल रही है, जिनके हाथ सधे हुए हैं। यदि छात्र नौकरी करना चाहते हैं तो उनके लिए कई विकल्प हैं, जहां उन्हें 10-15 हजार की नौकरी आसानी से मिल जाती है। जबकि अनुभवी लोग अपने कारोबार के दम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। लेकिन इसके लिए एक लंबे अनुभव एवं बाजार की जरूरत पड़ती है। जैसे-जैसे भारत में आर्ट एग्जिबिशन एवं कला से संबंधित अन्य गैलरी का चलन बढ़ रहा है, वैसे ही कमाई, खासकर खुद का रोजगार करने वाले एवं फ्रीलांसरों की कमाई बढ़ती जा रही है। फाइन आर्ट कोई नया पाठय़क्रम नहीं है। लंबे समय से भारत में इसकी उपयोगिता देखी जा रही है। आजकल इस क्षेत्र में काफी प्रयोग देखने को मिल रहे हैं, जिसका सकारात्मक फायदा इस क्षेत्र में कदम रखने वाले लोगों को मिल रहा है। यही कारण है कि इसमें रोजगार की संभावना सदैव बनी रहती है। पाठ्यक्रम के पश्चात कई तरह के विकल्प जैसे पत्र-पत्रिकाओं व विज्ञापन एजेंसियों में विजुअलाइजर, स्कूल-कॉलेज में आर्ट टीचर, बोर्ड डायरेक्टर आदि सामने आते हैं।

एक पेंटर होने के नाते, आपकी सैलरी आपकी कला पर पकड़ और कुशलता पर निर्भर करती है| कई सारे पेंटर लाखों में कमाते हैं और कई सारे पेंटर हजारों में| पेंटर होने के बाद एक औसतन 30-40 हजार रुपये प्रति माह कमाया जा सकता है| एक पेंटर की सैलरी इस बात पर भी निर्भर करती है वह डिप्लोमा या डिग्री पास है या नहीं, या उसके पास कितना अनुभव है, या वह कहां कार्य कर रहा है| बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए काम करने वाले पेंटर करोड़ों का पैकेज उठाते हैं|

एक पेंटर होने के नाते यह जरूरी नहीं कि आप किसी कम्पनी या संस्थान के लिए ही कार्य करें| पेंटर होने के बाद आप एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में भी कार्य कर सकते हैं| इसके लिए आपको अपने द्वारा बनाई गई कलाकृतियों को दुनिया के सामने रखना होगा| यह कलाकृतियां दिखाने के लिए आप इवेंट रख सकते हैं, जहां आप उनकी नीलामी भी कर सकते हैं| आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस तरह की कलाकृतियां लाखों रुपये में नीलाम होती हैं| विजुअलाइजिंग प्रोफेशनल,इलस्ट्रेटर,आर्ट क्रिटिक,आर्टिस्ट,आर्ट प्रोफेशनल्स,डिजाइन ट्रेनर के रूप में आप काम कर सकते हैं |

विदेशी कोर्स को यहां के हिसाब से बदला गया है। इसमें 80 प्रतिशत प्रेक्टिकल व 20 प्रतिशत थ्योरी है। प्रशिक्षण संस्थान इन्हीं बारीकियों, कल्पनाशीलता तथा इसके इतिहास से अवगत कराते हैं। फिर भी स्कूली ज्ञान के अलावा छात्रों को स्वयं से मेहनत की दरकार होती है। छात्र यदि इसमें भविष्य बनाने के इच्छुक हैं तो उनके सामने धन आड़े नहीं आता। कई प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंक छात्रों को एजुकेशन लोन उपलब्ध कराते हैं। जहां तक विदेश जाकर पढ़ने का सवाल है तो वहां पर कई ऐसी फेलोशिप मिलती हैं, जो छात्रों का खर्च उठाने में सक्षम हैं।

प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान
भारत में फाइन आर्ट से संबंधित पाठय़क्रम चलाने वाले प्रमुख संस्थान निम्न हैं-

कॉलेज ऑफ आर्ट (दिल्ली विश्वविद्यालय), नई दिल्ली
वेबसाइट -www.du.ac.in
डिपार्टमेंट ऑफ फाइन आर्ट (जामिया मिल्लिया इस्लामिया विवि), नई दिल्ली
वेबसाइट –www.jmi.ac.in
फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट (बीएचयू), वाराणसी
वेबसाइट -www.bhu.ac.in
राजस्थान विश्वविद्यालय (डिपार्टमेंट ऑफ फाइन आर्ट), राजस्थान
वेबसाइट -www.uniraj.ernet.in
सर जेजे इंस्टीटय़ूट ऑफ एप्लाइड आर्ट्स, मुंबई
वेबसाइट -www.jjiaa.org
भारती कला महाविद्यालय, महाराष्ट्र
वेबसाइट -www.cofa.bharati vidyapeeth.edu

अवसर

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